Thursday, November 7, 2019

وفاة الممثل المصري فاروق الفيشاوي

توفي الممثل المصري فاروق الفيشاوي، في الساعات الأولى من صباح الخميس، بعد صراع قصير مع مرض السرطان.

ونعت نقابة المهن التمثيلية المصرية الفيشاوي، على صفحتها الرسمية على فيسبوك، وقالت "ننعى الفنان الكبير فاروق الفيشاوى، كان رمزا من رموز الفن المصرى وسيظل".

وكان الفيشاوي، 67 عاما، قد صدم الجميع وأعلن بنفسه عن إصابته بمرض السرطان أثناء مشاركته في مهرجان الإسكندرية السينمائي لدول البحر المتوسط، في اكتوبر/تشرين الأول 2018.

وقال الفيشاوى في كلمته، إنه فوجئ بطبيبه المعالج يخطره بهذا المرض، موضحا أنه لن ينزعج من الخبر، وأكد للطبيب أنه سيواجه بكل شدة وكأنه صداع عادى سيأخذ وقته ويمر.

وتدهورت حالته الصحية مؤخرا وتم نقله إلى المستشفى، قبل يومين من وفاته، وكان آخر ظهور علني له في عزاء الممثل الراحل عزت أبوعوف، مطلع الشهر الجاري.

أما آخر أعماله الفنية فكان مشاركته في مسرحية الملك لير، مع النجم يحيى الفخراني.

ولد الفنان فاروق الفيشاوي بإحدى قرى مركز سرس الليان بمحافظة المنوفية في مصر في 5 فبراير/شباط عام 1952 وبعد حصوله على ليسانس الآداب بجامعة عين شمس التحق بالمعهد العالي للفنون المسرحية حيث حصل على البكالوريوس.

وبدأ حياته الفنية من خلال أدوار صغيرة في عدة مسلسلات ثم كانت انطلاقته الكبيرة عام 1980 عندما شارك في مسلسل "أبنائي الأعزاء شكرا" من إخراج محمد فاضل.

تزوج الفيشاوي 3 مرات إحداها من خارج الوسط الفني أما الزيجتان الأخريان من الوسط الفني إحداهما من ​سمية الألفي​ التي أنجب منها نجله الممثل المعروف ​أحمد الفيشاوي​ وانتهى زواجهما بالانفصال.

ورغم هذه الاتفاقات، لم ينجح الطرفان المصري والإثيوبي في حل خلافاتهما بشأن طريقة بناء السد والكيفية والمدة التي سيتم خلالها تخزين المياه خلف السد.

وينص المبدأ العاشر من اتفاق إعلان المبادئ الموقعة بين الأطراف الثلاث، في مارس/ آذار 2015، على تسوية المنازعات "الناشئة عن تفسير أو تطبيق هذا الاتفاق بالتوافق من خلال المشاورات أو التفاوض وفقا لمبدأ حسن النوايا". ويضيف المبدأ ذاته: "إذا لم تنجح الأطراف في حل الخلاف من خلال المشاورات أو المفاوضات، فيمكن لهم مجتمعين طلب التوفيق، الوساطة أو إحالة الأمر لعناية رؤساء الدول/رئيس الحكومة".

وتطالب مصر بإشراك طرف رابع في التفاوض، وهو المطلب الذي ترفضه أديس أبابا. وقالت الخارجية الإثيوبية، إن مطالبة مصر بدعوة طرف دولي رابع إلى المفاوضات المتعلقة بسد النهضة "لا مبرر لها"، مضيفة أن الاحتكام إلى طرف رابع "سابق لأوانه".

و تخشى مصر من أن بناء السد وما يتبعه من خطوة تخزين للمياه، سيؤدي إلي تأثيرات سلبية على حصتها من مياه النيل، وتدمير مساحات من الأراضي الزراعية لديها، فضلا عن عدم توفير مياه شرب كافية لسكانها الذين يتجاوز عددهم 100 مليون نسمة، ويعانون بالفعل من نقص في الموارد المائية.

وتستحوذ مصر على نصيب الأسد من مياه النيل الأزرق، أي ما يزيد عن 55 مليار من نحو 88 مليار متر مكعب، هو إجمالي المياه التي تتدفق عبر النهر سنويا.

Friday, October 25, 2019

अमरीकी कांग्रेस में कश्मीर के ज़िक्र से भारत नाराज़ः प्रेस रिव्यू

मरीकी कांग्रेस में विदेश विभाग की समिति में भारत प्रशासित कश्मीर और वहां भारत सरकार के फ़ैसलों पर की गई चर्चा पर भारत ने अपनी नाराज़गी जताई है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित समाचार के अनुसार विदेश विभाग के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि कश्मीर पर अमरीकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने खेदजनक टिप्पणियां की हैं. रवीश कुमार ने कहा कि इन टिप्पणियों से सदस्यों की सीमित समझ का पता चलता है.

अख़बार लिखता है कि रवीश कुमार ने कहा, ''समिति के लोगों को भारत के फ़ैसले की आलोचना करने की बजाय सीमार पार से कश्मीर में होने वाली प्रायोजित घुसपैठ की निंदा करनी चाहिए थी.''

उन्होंने कहा, ''यह दुखद है कि कुछ सदस्यों ने कश्मीर के लोगों की बेहतरी और कश्मीर में शांति बनाए रखने के मकसद से उठाए गए कदम पर सवाल खड़े किए हैं.''

दरअसल अमरीकी प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि उनका एक पैनल 5 अगस्त के बाद कश्मीर जाना चाहता था लेकिन नई दिल्ली से इजाज़त नहीं मिली और कहा गया कि कश्मीर जाने का यह सही वक़्त नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि वह अयोध्या विवाद से जुड़े केस को भूल चुके हैं.

दैनिक भास्कर में प्रकाशित समाचार के अनुसार मोल्डिंग ऑफ़ रिलीफ़ की दलीलों को लेकर पहुंचे पक्षकार भी उन्होंने इसे भूल जाने के लिए कहा, हालांकि बाद में कोर्ट ने पक्षकार का दो पन्नो का नोट रिकॉर्ड पपर ले लिया.

सुप्रीम कोर्ट ने एक हिंदू पक्षकार को 'मोल्डिंग ऑफ़ रिलीफ़' के तहत लिखित नोट दाखिल करने की इजाजत दे दी, उमेश चंद्र पांडेय की तरफ से दाखिल नोट में मांग की गई है कि अगर अयोध्या की विवादित भूमि हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों को नहीं दी जाती है, तो 2.77 एकड़ जमीन को सरकारी घोषित किया जाए.

सोनिया गांधी के कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष बनने के बाद बनाए गए नीति समूह की पहली बैठक में पार्टी कई विवादित मुद्दों पर अपना पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश करेगी.

द हिंदू की ख़बर के मुताबिक, इनमें सबसे अहम मुद्दे नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी है. ये बैठक शुक्रवार को निर्धारित की गई है.

कहा गया है कि कांग्रेस शीतकालीन सत्र से पहले इन दोनों ही मुद्दों पर अपना रुख साफ करना चाहती है, क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इस सत्र में बीजेपी इन दोनों पर बिल पास करवाने की कोशिश करेगी.

कांग्रेस के इस नीति समूह में मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, अहमद पटेल, गुलाम नबी आज़ाद, एके एंटोनी, मल्लिकार्जुन खडगे, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, अंबिका सोनी, कपिल सिब्बल, प्रियंका गांधी, अधिर रंजन चौधरी और के सी वेणुगोपाल शामिल हैं.

इस बैठक की ज़रूरत इसलिए भी पड़ रही हैं क्योंकि हाल ही में कुछ राज्यों में कांग्रेस के नेताओं ने एनआरसी के मुद्दे का समर्थन किया था. इसमें मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम शामिल हैं.

Tuesday, October 8, 2019

Россия согласилась бороться с глобальным потеплением, хоть Путин в него не верит

Россия ратифицировала Парижское соглашение спустя три года. Это многих озадачило, ведь президент Владимир Путин не раз высказывался о проблеме изменения климата скептически, хотя потепление в России опережает глобальное в два с половиной раза. Зачем Кремль подписался под соглашением и что это обещает России и миру?

У России не было другого выхода, считают эксперты. Весь мир стремится снизить долю выбросов парниковых газов, и одной из мер в этой новой политике может стать введение углеродных пошлин для товаров из стран, которые не борются с выбросами.

При этом в России выбросы и так на низком уровне по сравнению с 1990 годом из-за сокращения промышленного производства в результате распада СССР. Таким образом, выполнение условий Парижского соглашения не потребует от России дополнительных усилий.

Ратификация же показывает, что Москва не дистанцируется от климатической повестки, и это, возможно, поможет выторговать уступки.

Начиная с середины 1970-х годов средняя температура приземного воздуха в России повышается со средней скоростью 0,43 градуса Цельсия за 10 лет. Это более чем в 2,5 раза превышает скорость глобального потепления, говорится во Втором оценочном докладе Росгидромета об изменениях климата и их последствиях на территории Российской Федерации.

Особенно значительные изменения климата наблюдаются в Арктике и субарктической зоне многолетней мерзлоты.

На некоторых метеостанциях на побережье арктических морей России в 1976-2018 годах среднегодовая температура росла на 1 градус за десять лет. С 1980-х годов толщина морского льда в Арктическом бассейне уменьшилась в среднем на 40%.

Тает даже вечная мерзлота.

"За период систематических наблюдений (примерно с середины 1990-х годов) на площадках мониторинга отмечается увеличение средней глубины сезонного протаивания многолетнемерзлых пород на 1-2 см в Западной Сибири и Якутии и на 2-6 см на европейской части России", - говорится в докладе Росгидромета.

Изменения климата проблематично обосновать только естественными факторами, но они легко объясняются с учетом антропогенных факторов (то есть влияния человека), отмечают ученые.

"Главный антропогенный эффект - усиление парникового эффекта выбросами в атмосферу CO2, поступающими от сжигания угля, газа и нефтепродуктов. В XXI веке антропогенное воздействие продолжится и усилится", - говорится в обзоре исследований о проблеме климата, подготовленном ведущими российскими климатологами про просьбе "Деловой России".

После подписания Россией Парижского соглашения аналитик агентства Блумберг Джулиан Ли предположил, что таяние многолетней мерзлоты, занимающей более 60% территории России, угрожает нефтегазовым проектам на российском Севере. И это якобы могло подтолкнуть Россию к ратификации соглашения.

Это не проблема, отвечают в Росгидромете.

Таяние мерзлоты не будет представлять угрозы нефтегазовым проектам, если компании будут своевременно выделять необходимые деньги на техническое обслуживание, считает заведующий отделом "Государственного гидрологического института" Росгидромета Олег Анисимов.

Он отмечает, что точечные объекты - например, инфраструктура самого месторождения - обычно рассчитана на 20-30 лет, а за такой период с ними ничего катастрофического не случится.

Thursday, November 22, 2018

सतना में तेज रफ्तार बस ने स्कूल वैन को टक्कर मारी, 7 बच्चों समेत 8 की मौत

जिले के बिरसिंहपुर कस्बे में बस और स्कूल वैन की टक्कर में सात बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। नौ जख्मी हैं। इनमें दो बच्चों समेत कुछ ही हालत नाजुक है। सभी बच्चे लकी कॉन्वेंट स्कूल के हैं।

घटना गुरुवार सुबह नौ बजे की है। पुलिस ने बताया कि छह बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। वैन के ड्राइवर ने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। वहीं, एक अन्य बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। बस की तेज रफ्तार हादसे की वजह बताई जा रही है।

अक्षय कुमार और रजनीकांत स्टारर मूवी 2.0 महज 7 दिन बाद 29 नवंबर को रिलीज होगी। यह फिल्म भारत में करीब 6600 से 6800 स्क्रीन्स (17 आईमैक्स थिएटर) पर एक साथ दिखाई जाएगी। ऐसे में 2.0 फिल्म रिलीज होने से पहले ही बाहुबली-2 का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। बाहुबली-2 करीब 6500 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई थी।

फर्स्ट-डे शो के मामले में भी आगे

2.0 फिल्म का रनिंग टाइम 2 घंटा 28 मिनट है। इसे सेंसर बोर्ड ने U/A सर्टिफिकेट दिया है। खबरों के अनुसार, देश भर में पहले दिन 2.0 के 32 से 33 हजार शो होंगे। यह रिकॉर्ड भी बाहुबली-2 से ज्यादा है। पूरे देश में पहले दिन बाहुबली-2 के 31000 शो दिखाए गए थे।

रिलीज होने से पहले ही कमाए 200 करोड़

2.0 के सैटेलाइट राइट्स करीब 110 करोड़ रुपए में बिके हैं। यह रकम फिल्म के तीनों वर्जन (हिंदी, तमिल और तेलुगु) को मिलाकर है। रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि मेकर्स ने 2.0 के थिएट्रिकल राइट 80 करोड़ रुपए में बेचे हैं। ऐसे में फिल्म रिलीज से पहले ही करीब 200 करोड़ रुपए की कमाई कर चुकी है।

डवांस बुकिंग में भी रिकॉर्ड

फिल्म 2.0 ने रिलीज से पहले ही एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। 2.0 के लिए करीब 120 करोड़ रुपए की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने ट्वीट किया कि तमिल सिनेमा के इतिहास का यह पहला मौका है, जब कोई फिल्म एडवांस बुकिंग में 100 करोड़ के आंकड़े को पार गई है। 2.0 को तमिलनाडु में रिकॉर्ड एडवांस बुकिंग मिली।

150 दिन में तैयार हुआ बैकग्राउंड स्कोर

2.0 फिल्म में अक्षय कुमार, रजनीकांत, एमी जैक्सन की मुख्य भूमिकाएं हैं। डायरेक्शन एस शंकर ने किया है। फिल्म का VFX वर्क दुनिया के 24 स्पेशल VFX स्टूडियोज की मदद से तैयार किया गया। म्यूजिक के लिए पहली बार 4डी साउंड तकनीक इस्तेमाल की गई। इसका बैकग्राउंड स्कोर तैयार करने में एआर रहमान को 150 दिन लगे थे।

Tuesday, November 20, 2018

शेखावत आशीर्वाद लेने झुके तो उन्हें अचानक जूते-चप्पल की माला पहना दी

नागदा-खाचरौद सीट से भाजपा प्रत्याशी दिलीपसिंह शेखावत को जनसंपर्क गांव खेड़ावदा में एक व्यक्ति ने जूते की माला पहना दी। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो गया। घटना सोमवार रात करीब 8 बजे की है। शेखावत ने इसे कांग्रेस की साजिश बताया है।

वीडियो में यह स्पष्ट नजर आ रहा है कि वोट के अनुरोध के साथ एक ग्रामीण का चरण स्पर्श करने के बाद जैसे ही वे खड़े हुए, ग्रामीण ने उनके गले में एक माला पहनाई, जिसमें फूलों की बजाए जूते गूंथे हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में जूते की माला पहनाने का घटनाक्रम महज 3 तीन सेकंड का है। भाजपा प्रत्याशी शेखावत वायरल वीडियो में संबंधित को पीटते भी नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार यह कृत्य करने वाले का नाम मांगीलाल है।

यह कांग्रेस की साजिश है : दिलीपसिंह शेखावत ने कहा - यह हरकत कांग्रेस की प्लानिंग का एक हिस्सा है। जिसने हरकत की वो कांग्रेस समर्थित ग्राम सरपंच भागवंती बाई के पति रतन का भानजा है। रतन ने खुद मांगीलाल को इस हरकत के लिए खूब कोसा है। 10 मिनट के इस घटनाक्रम के बाद अचानक कांग्रेस प्रत्याशी दिलीपसिंह गुर्जर भी मौके पर पहुंच गए। 15 मिनट बाद मीडिया पर इस घटना की खबर भी चलने लगी। इससे ही साबित होता है कि यह सब सुनियोजित है। इसकी शिकायत की गई है।

झारखंड विधानसभा के स्थापना दिवस कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्पीकर डॉक्टर दिनेश उरांव ने में विभिन्न विभागों के सीनियर अफसरों के साथ सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने विधि व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही कार्यक्रम के दौरान अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक में खासतौर गृह विभाग और ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव शामिल हुए। इसके अलावा भवन निर्माण विभाग एवं पथ निर्माण विभाग की अभियंता प्रमुख भी बैठक में शामिल हुए। रांची के सीनियर एसपी और उपायुक्त के साथ ही जैप वन और होमगार्ड के कमांडेंट भी इस बैठक में शामिल हुए।

गोवा में 20 से 28 नवंबर तक आयोजित होने वाले भारत के 49 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में झारखंड को फोकस राज्य के रूप में चुना गया है। इसका आयोजन मैनक्विंज पैलेस इनॉक्स, पणजी, गोवा में होने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में 68 से अधिक देशों के 212 फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। 24 नवंबर 2018 को महोत्सव में झारखंड दिवस के रूप में मनाया जाएगा।